SENSERADAR

कब ज़रूरत पड़ती है

हर वह जगह जहाँ आपको SenseRadar चाहिए

छिपे निगरानी उपकरण किसी एक जगह तक सीमित नहीं रहते। Airbnb किराये से लेकर बोर्डरूम और पार्किंग तक, SenseRadar निजता के असली ख़तरों के लिए बनाया गया है।

Airbnb या किराये के घर में छिपा कैमरा कैसे जाँचें?

चेक-इन करते ही स्कैन करें: 47% यात्री कहते हैं कि उन्हें किराये की जगह में कैमरा मिला, और 2 मिनट का स्कैन बेडरूम और बाथरूम को कवर करता है।

IPX1031 के 2025 के एक सर्वे में पाया गया कि 47% यात्रियों को किसी शॉर्ट-टर्म रेंटल में छिपा कैमरा मिला है। ये कैमरे अक्सर स्मोक डिटेक्टर, अलार्म घड़ी, USB चार्जर और फ़ोटो फ़्रेम में छिपाए जाते हैं — ऐसी चीज़ें जिन पर मेहमान कभी ध्यान नहीं देते। SenseRadar की WiFi लेयर नेटवर्क से जुड़े हर डिवाइस की सूची बनाती है, BLE लेयर ब्लूटूथ से डेटा भेजने वाले बैटरी कैमरे पकड़ती है, और ऑप्टिकल लेंस डिटेक्शन लेयर अंधेरे कमरे में भी संदिग्ध चमक वाली किसी भी काँच की सतह को चिह्नित करती है। सामान खोलने से पहले दो मिनट का स्कैन उतना ही स्वाभाविक है जितना अंदर आकर दरवाज़ा बंद करना।

  • बेडरूम और बाथरूम से शुरू करें — ये सबसे ज़्यादा रिपोर्ट की जाने वाली जगहें हैं।
  • पहले WiFi स्कैन चलाएँ: अनजान IP कैमरे 'camera' या सामान्य IoT लेबल के साथ दिखते हैं।
  • लाइट बंद करके ऑप्टिकल स्कैन चलाएँ, ताकि दिन की रोशनी में न दिखने वाली लेंस की चमक पकड़ में आए।

स्रोत: IPX1031, 2025

Airbnb या किराये के घर में छिपा कैमरा कैसे जाँचें?

होटल के कमरे में छिपा कैमरा कैसे ढूँढें?

सामान खोलने से पहले स्मोक डिटेक्टर, टीवी, सॉकेट और सजावट जाँचें: BBC ने होटल के कमरों में 180 से ज़्यादा कैमरे पाए, और पूरा स्कैन 3 मिनट से कम लेता है।

होटलों पर निजी रेंटल से ज़्यादा सख़्त नियम लागू होते हैं, फिर भी उल्लंघन होते हैं: BBC की एक जाँच में कई देशों के होटल कमरों में मिले 180 से ज़्यादा छिपे कैमरों का ब्योरा दर्ज किया गया। सबसे आम छिपने की जगहें हैं छत पर लगे स्मोक डिटेक्टर, बेडसाइड टेबल पर अलार्म घड़ी, सजावटी फ़्रेम और टीवी की काली जाली। SenseRadar का EMF मीटर चालू डिवाइसों का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ़ील्ड मापता है, जिससे कमरा पूरी तरह सामान्य दिखने पर भी चलता हुआ कैमरा पकड़ में आ जाता है। ऑप्टिकल स्कैन के साथ मिलाकर तीन मिनट से कम में पूरी जाँच हो जाती है।

  • सबसे पहले स्मोक डिटेक्टर देखें — किसी भी होटल कमरे में यह सबसे ज़्यादा जोखिम वाली चीज़ है।
  • जो अलार्म घड़ी आप ख़ुद नहीं लाए, उसका प्लग निकाल दें; उसकी जगह फ़ोन इस्तेमाल करें।
  • शीशों और पेंटिंग के सामने EMF स्कैन धीरे-धीरे घुमाएँ — छिपे ट्रांसमीटर मापने लायक बिजली खींचते हैं।

स्रोत: BBC, 2026

होटल के कमरे में छिपा कैमरा कैसे ढूँढें?

क्या मेरी कार में GPS ट्रैकर लगा है?

BLE स्कैन खोलकर कार के चारों ओर घूमें: ट्रैकर से पीछा करने के मामले एक साल में 317% बढ़े, और 30 डॉलर से सस्ते डिवाइस व्हील आर्च, बंपर और OBD-II पोर्ट में छिपाए जाते हैं।

क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों के आँकड़ों के अनुसार GPS ट्रैकर से पीछा करने के मामले सिर्फ़ एक साल में 317% बढ़ गए, और ये डिवाइस ऑनलाइन 30 डॉलर से भी कम में मिल जाते हैं। ट्रैकर अक्सर पहियों के ऊपर के हिस्से में चिपकाए जाते हैं, बंपर के अंदर सरकाए जाते हैं या डैशबोर्ड के नीचे OBD-II पोर्ट में लगा दिए जाते हैं — ऐसी जगह जिसे ज़्यादातर ड्राइवर कभी नहीं देखते। SenseRadar की BLE लेयर आसपास सिग्नल भेज रहे AirTag और सामान्य ब्लूटूथ ट्रैकर पकड़ती है; लाइव सिग्नल-स्ट्रेंथ मीटर के साथ कार के चारों ओर घूमकर आप सटीक जगह ढूँढ सकते हैं। ब्लूटूथ के बिना वायर्ड OBD या बैटरी वाले ट्रैकर के लिए EMF लेयर सक्रिय सेल्युलर मॉड्यूल की ट्रांसमिशन पल्स पकड़ सकती है।

  • BLE स्कैन खोलकर कार के चारों ओर धीरे-धीरे चलें — ट्रैकर के पास पहुँचते ही सिग्नल सबसे तेज़ होता है।
  • स्टीयरिंग कॉलम के नीचे OBD-II पोर्ट जाँचें; वहाँ लगा कोई डोंगल छिपा ट्रैकर हो सकता है।
  • नई जगह पार्क करने के कुछ घंटे बाद फिर से स्कैन करें, ताकि आपकी ग़ैरमौजूदगी में लगाए गए डिवाइस पकड़ में आएँ।

स्रोत: Cybernews, 2025

क्या मेरी कार में GPS ट्रैकर लगा है?

क्या कोई मेरे मीटिंग रूम की बातें सुन सकता है?

हाँ — एक बिज़नेस लीडर के सुरक्षित होम ऑफ़िस तक में सुनने का डिवाइस मिला। अहम मीटिंग से पहले अल्ट्रासोनिक और WiFi से स्कैन करें; हर लेयर 60 सेकंड से कम लेती है।

सुनने वाले बग से कॉरपोरेट जासूसी सिर्फ़ ख़ुफ़िया एजेंसियों तक सीमित नहीं है; प्रतिस्पर्धियों की निगरानी और औद्योगिक जासूसी कई उद्योगों में दर्ज की गई है। एक सुरक्षा ऑडिट में एक जाने-माने बिज़नेस लीडर के होम ऑफ़िस में सुनने का उपकरण मिला — जो दिखाता है कि अच्छी तरह सुरक्षित जगहें भी सेंध से अछूती नहीं हैं। अस्थायी दफ़्तर, क्लाइंट की इमारतों के कॉन्फ़्रेंस रूम और को-वर्किंग स्पेस ख़ास तौर पर असुरक्षित होते हैं, क्योंकि वहाँ रोज़ बहुत से लोग आते-जाते हैं। SenseRadar की अल्ट्रासोनिक लेयर सक्रिय रिकॉर्डिंग डिवाइस से निकलने वाली हाई-फ़्रीक्वेंसी गुनगुनाहट सुनती है, और WiFi स्कैन ऐसे संदिग्ध एक्सेस पॉइंट या IP कैमरे पहचानता है जो नेटवर्क पर नहीं होने चाहिए।

  • किसी भी संवेदनशील चर्चा से पहले, ख़ासकर किसी और की इमारत में, मीटिंग रूम स्कैन करें।
  • डेस्क की चीज़ों या पौधों में छिपे सक्रिय माइक्रोफ़ोन खोजने के लिए अल्ट्रासोनिक लेयर इस्तेमाल करें।
  • स्कैन में अनजान WiFi नेटवर्क पर ध्यान दें — कोई नकली हॉटस्पॉट ट्रैफ़िक पकड़ रहा हो सकता है।

स्रोत: The Next Web, 2025

क्या कोई मेरे मीटिंग रूम की बातें सुन सकता है?

नए घर में सुनने का डिवाइस या कैमरा है या नहीं, कैसे पता करें?

शिफ़्टिंग वाले दिन छहों लेयर से पूरा स्कैन करें और 1 हफ़्ते बाद दोहराएँ, क्योंकि मोबाइल डेटा पर चलने वाले कैमरे पहले WiFi स्कैन में नहीं दिखते।

जब आप नए फ़्लैट या घर में जाते हैं, तो पिछले रहने वालों — या मकान मालिक — ने जो कुछ भी लगाया हो, वह आपको विरासत में मिलता है। पिछले मालिक के अकाउंट से अब भी जुड़ी स्मार्ट डोरबेल, थर्मोस्टैट और सिक्योरिटी कैमरे आपकी जानकारी के बिना फ़ुटेज भेजते रह सकते हैं। कई देशों में किरायेदारों पर नज़र रखने के लिए किराये के मकानों में कैमरे छिपाने वाले मकान मालिकों पर मुक़दमों के मामले बढ़ रहे हैं। SenseRadar का WiFi स्कैन कनेक्ट होते ही आपके नेटवर्क के हर डिवाइस की सूची बनाता है और जो कुछ आपके अपने उपकरणों से मेल नहीं खाता उसे चिह्नित करता है। शिफ़्टिंग वाले दिन छहों लेयर से पूरा स्कैन आपको एक जाँची-परखी, साफ़ शुरुआत देता है।

  • फ़र्नीचर अंदर लाने से पहले स्कैन करें — ख़ाली कमरे की जाँच आसान होती है।
  • मिलने वाले किसी भी स्मार्ट डिवाइस (थर्मोस्टैट, डोरबेल, स्पीकर) को अपने नेटवर्क से जोड़ने से पहले फ़ैक्टरी रीसेट करें।
  • एक हफ़्ते बाद दोबारा स्कैन करें: कुछ मकान मालिकों के कैमरे सेल्युलर नेटवर्क पर चलते हैं और WiFi स्कैन में नहीं दिखते।
नए घर में सुनने का डिवाइस या कैमरा है या नहीं, कैसे पता करें?

क्या क्लिनिक, स्पा या चेंजिंग रूम में छिपे कैमरे हो सकते हैं?

हाँ — अस्पताल के बाथरूम और फ़िज़ियोथेरेपी कक्षों में मिले हैं। रोशनी धीमी करके आँखों की ऊँचाई और नीचे स्कैन करें; छोटे कमरे में 60 सेकंड से कम लगते हैं।

डॉक्टर के जाँच कक्ष, फ़िज़ियोथेरेपी केबिन, स्पा ट्रीटमेंट रूम और जिम के चेंजिंग रूम ऐसी जगहें हैं जहाँ लोग बेहद असुरक्षित होते हैं। स्वास्थ्य केंद्रों — जिनमें अस्पताल के बाथरूम और फ़िज़ियोथेरेपी कक्ष शामिल हैं — में लगाए गए ताक-झाँक वाले उपकरणों पर मुक़दमे कई देशों में दर्ज हुए हैं, और कुछ मामले सालों बाद पकड़ में आए। SenseRadar का AI लेंस डिटेक्शन ख़ास तौर पर स्पा और वेलनेस केंद्रों की मद्धम रोशनी में पिनहोल कैमरे पकड़ने के लिए ट्यून किया गया है। EMF लेयर मेडिकल उपकरणों के खोल या सजावटी पैनलों के पीछे छिपे चालू डिवाइस पकड़ सकती है।

  • चेंजिंग रूम में आँखों की ऊँचाई और उससे नीचे स्कैन करें — कैमरे अक्सर बीच की ऊँचाई पर निशाना साधते हैं।
  • मद्धम रोशनी में ऑप्टिकल मोड इस्तेमाल करें — लाइट बंद होने पर लेंस की चमक ज़्यादा साफ़ दिखती है।
  • कोई भी संदिग्ध डिवाइस मिलने पर तुरंत केंद्र के प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को बताएँ।
क्या क्लिनिक, स्पा या चेंजिंग रूम में छिपे कैमरे हो सकते हैं?

ट्रायल रूम में छिपा कैमरा कैसे जाँचें?

पहले कपड़े टाँगने का हुक और शीशे का ऊपरी किनारा देखें; छोटे केबिन का BLE और EMF स्कैन 60 सेकंड से कम लेता है।

दुकानों के ट्रायल रूम ताक-झाँक वाले कैमरों के लिए सबसे ज़्यादा रिपोर्ट की जाने वाली जगहों में हैं, क्योंकि वहाँ लगातार लोगों की आवाजाही के बीच कुछ पल की निजता मिलती है — कैमरा लगाना आसान और पकड़ना मुश्किल। शीशे के किनारों के पीछे, कपड़े टाँगने के हुक के अंदर और वेंटिलेशन जाली में कैमरे मिल चुके हैं। जिम और स्विमिंग पूल के चेंजिंग रूम व शावर में भी ऐसे ही जोखिम हैं। SenseRadar की BLE और EMF लेयर बिना WiFi के चलने वाले बैटरी जासूसी कैमरे पकड़ती हैं — ऐसी श्रेणी जिसे सामान्य नेटवर्क स्कैन पूरी तरह चूक जाते हैं। छोटे केबिन में यह झटपट स्कैन 60 सेकंड से कम लेता है।

  • कपड़े टाँगने का हुक और शीशे का ऊपरी किनारा जाँचें — ये दो सबसे ज़्यादा रिपोर्ट की जाने वाली जगहें हैं।
  • BLE स्कैन चलाएँ: कई छोटे जासूसी कैमरे स्टोरेज या स्ट्रीमिंग के लिए ब्लूटूथ इस्तेमाल करते हैं।
  • कमरे में वेंटिलेशन जाली हो तो EMF सेंसर उसकी ओर करें — सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक्स मापने लायक फ़ील्ड छोड़ते हैं।
ट्रायल रूम में छिपा कैमरा कैसे जाँचें?

क्रूज़ केबिन, ट्रेन कूपे या किराये की कार कैसे जाँचें?

जहाज़ पर चढ़ने या कार लेने के दिन स्कैन करें: विमान के शौचालय में कैमरे लगाने पर एक फ़्लाइट अटेंडेंट को 18.5 साल की सज़ा हुई, और स्कैन पूरी तरह ऑफ़लाइन चलता है।

लंबी यात्राओं में लोग बंद निजी जगहों — क्रूज़ केबिन, स्लीपर ट्रेन के कूपे और किराये के वाहनों के अंदर — में रहते हैं, जहाँ निगरानी उपकरण मिलने के मामले दर्ज हुए हैं। विमान के शौचालयों में कैमरे लगाने के लिए एक फ़्लाइट अटेंडेंट को 18.5 साल की जेल हुई; एक क्रूज़ लाइन के क्रू सदस्यों पर लगभग 1,000 यात्रियों को रिकॉर्ड करने का आरोप लगा। एक घटना के बाद Royal Caribbean ने अपनी आंतरिक कैमरा नीतियाँ बदल दीं। SenseRadar का पोर्टेबल, पूरी तरह ऑफ़लाइन स्कैन किसी नेटवर्क कनेक्शन पर निर्भर नहीं है, इसलिए यह अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए आदर्श है जहाँ रोमिंग या लोकल सिम सीमित हो सकते हैं।

  • जहाज़ पर चढ़ने के दिन केबिन का बाथरूम और बिस्तर के सिरहाने के आसपास का हिस्सा स्कैन करें।
  • स्लीपर ट्रेन के कूपे में वेंटिलेशन के छेद और दरवाज़े का पैनल जाँचें।
  • निकलने से पहले किराये की कार में BLE स्कैन चलाएँ — कभी-कभी दो किरायों के बीच ट्रैकर लगा दिए जाते हैं।

स्रोत: CNN, 2025, NBC News, 2024

क्रूज़ केबिन, ट्रेन कूपे या किराये की कार कैसे जाँचें?

यात्रा से पहले

पहले घर पर स्कैन करें। अपना नेटवर्क, ब्लूटूथ डिवाइस और कमरे रडार पर कैसे दिखते हैं, यह जानने से किसी अनजान जगह पर कुछ असामान्य पहचानना बहुत आसान हो जाता है — और इसमें बस कुछ मिनट लगते हैं।

ज़रूरी चीज़ें साथ रखें: चार्ज किया हुआ फ़ोन और, अगर हो तो, वेंट और कोनों को देखने के लिए छोटी टॉर्च। रेंटल प्लेटफ़ॉर्म का कैमरा नियम पढ़ें और मेज़बान व प्लेटफ़ॉर्म के संपर्क पास रखें, ताकि कुछ मिलने पर आपको पता हो कि किसे फ़ोन करना है।

पहुँचने पर सामान खोलने से पहले और अपने डिवाइस लोकल WiFi से जोड़ने से पहले स्कैन करें। शांत नेटवर्क को पढ़ना आसान होता है, और सबसे पहले जाँचने लायक जगहें बेडरूम और बाथरूम हैं।

व्यावहारिक गाइड

कमरे में छिपे कैमरे की जाँच कैसे करें

किसी भी होटल के कमरे, किराये के घर या ऑफ़िस के लिए एक छोटा तरीका — ऐप के साथ या बिना ऐप के।

छिपे कैमरे आमतौर पर कहाँ लगाए जाते हैं

छिपे कैमरे को तीन चीज़ें चाहिए: कमरे का साफ़ नज़ारा, बिजली का स्रोत और ऐसी जगह जिस पर कोई दोबारा नज़र न डाले। इसीलिए किराये के घरों और होटलों में मिलने वाले ज़्यादातर डिवाइस आम चीज़ों के अंदर होते हैं: छत पर लगे स्मोक डिटेक्टर और मोशन सेंसर, बेडसाइड टेबल पर अलार्म घड़ी और USB चार्जर, फ़ोटो फ़्रेम, टीवी, एयर प्यूरीफ़ायर और शीशों के किनारे।

उन कमरों से शुरू करें जहाँ निजता सबसे ज़्यादा मायने रखती है — बेडरूम और बाथरूम — और उन चीज़ों पर ध्यान दें जो बिस्तर, शावर या टॉयलेट की ओर हों। जो चीज़ थोड़ी बेमेल लगे, अजीब दिशा में मुड़ी हो या उसके सामने छोटा-सा छेद हो, उसे ध्यान से देखना चाहिए।

कुछ मिनटों की पाँच कदमों वाली जाँच

पहला, देखें कि नेटवर्क से क्या-क्या जुड़ा है: WiFi स्कैन उन कैमरों को दिखाता है जो लोकल नेटवर्क पर वीडियो भेजते हैं। दूसरा, आसपास के ब्लूटूथ डिवाइस खोजें; बैटरी वाले कैमरे और ट्रैकर अक्सर इसी तरह पकड़ में आते हैं। तीसरा, लाइट बंद करके फ़ोन के कैमरे या टॉर्च से कमरा देखें — लेंस रोशनी को एक छोटी, तीखी चमक की तरह लौटाता है।

चौथा, फ़ोन को संदिग्ध चीज़ों के पास ले जाकर मैग्नेटिक फ़ील्ड की रीडिंग देखें: चालू इलेक्ट्रॉनिक्स बंद दिखने पर भी इसे बिगाड़ते हैं। आख़िर में हाथ से जाँचें: जो ढक्कन खोलने की इजाज़त हो उन्हें खोलें और शीशों व फ़्रेम के पीछे देखें। हर कदम अलग तरह का डिवाइस पकड़ता है, इसलिए किसी एक टेस्ट से ज़्यादा सबका मेल मायने रखता है।

डिवाइस मिलने पर क्या करें

उसे न छुएँ, न प्लग निकालें, न तोड़ें। ऐसी तस्वीरें लें जिनमें डिवाइस और उसकी जगह दिखे, ज़रूरत हो तो लेंस को तौलिये से ढक दें और उसकी नज़र से हट जाएँ। मेज़बान या होटल और स्थानीय पुलिस को बताएँ; बिना छेड़ा गया डिवाइस और साफ़ तस्वीरें किसी भी जाँच में मदद करती हैं।

अगर आपने किसी रेंटल प्लेटफ़ॉर्म से बुकिंग की है, तो वहाँ भी शिकायत करें। ज़्यादातर प्लेटफ़ॉर्म निजी जगहों में कैमरे पर रोक लगाते हैं और छिपे डिवाइस को गंभीर उल्लंघन मानते हैं।

सिर्फ़ एक तरीका काफ़ी क्यों नहीं

हर पहचान तरीके के अपने अंधे कोने होते हैं। नेटवर्क स्कैन सिर्फ़ मेमोरी कार्ड पर रिकॉर्ड करने वाले कैमरे को नहीं देख पाता, ब्लूटूथ स्कैन बिना रेडियो वाले डिवाइस छोड़ देता है, और लेंस की जाँच कोण और रोशनी पर निर्भर करती है। पूरी तरह बंद डिवाइस कोई सिग्नल नहीं छोड़ता और सिर्फ़ खोजने पर मिलता है।

इसीलिए SenseRadar छह स्वतंत्र लेयर — WiFi, ब्लूटूथ, ऑप्टिकल लेंस डिटेक्शन, अल्ट्रासोनिक, EMF और LiDAR — को साथ लाता है, और हम हर स्कैन के साथ एक छोटी हाथ से जाँच की सलाह देते हैं। कोई टूल 100% का वादा नहीं कर सकता, लेकिन कई तरीके मिलकर छिपने की बहुत कम जगह छोड़ते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या SenseRadar इस्तेमाल करने के लिए तकनीकी जानकारी चाहिए?
नहीं। SenseRadar आम लोगों के लिए बनाया गया है। हर स्कैन लेयर सरल भाषा में नतीजा देती है — 'कोई ख़तरा नहीं मिला' या स्पष्टीकरण के साथ चिह्नित डिवाइस — ताकि आपको कभी कच्चा डेटा ख़ुद समझना न पड़े।
पूरा स्कैन कितना समय लेता है?
सामान्य होटल कमरे या किराये के अपार्टमेंट का छहों लेयर वाला पूरा स्कैन दो से चार मिनट लेता है। WiFi या BLE स्कैन जैसी अलग-अलग लेयर 60 सेकंड से कम में पूरी हो जाती हैं। हालात के हिसाब से आप इन्हें किसी भी क्रम या संयोजन में चला सकते हैं।
क्या SenseRadar हर तरह के छिपे कैमरे पकड़ सकता है?
SenseRadar एक आम स्मार्टफ़ोन पर उपलब्ध डिटेक्शन तरीक़ों की सबसे व्यापक श्रृंखला देता है: नेटवर्क से जुड़े कैमरे (WiFi), ब्लूटूथ कैमरे (BLE), ऑप्टिकल रूप से पहचाने जा सकने वाले लेंस (AI ऑप्टिक्स), चालू सक्रिय डिवाइस (EMF), ऑडियो रिकॉर्डर (अल्ट्रासोनिक) और ढाँचे में असामान्यताएँ (समर्थित मॉडलों पर LiDAR)। कोई भी एक टूल हर संभव डिवाइस का 100% पता लगाने की गारंटी नहीं दे सकता, लेकिन छह स्वतंत्र लेयर किसी डिवाइस का नज़र से बच निकलना काफ़ी मुश्किल बना देती हैं।
क्या SenseRadar इंटरनेट के बिना काम करता है?
हाँ। छहों स्कैन लेयर पूरी तरह डिवाइस पर ही चलती हैं। स्कैन के लिए WiFi, मोबाइल डेटा या सिम कार्ड की ज़रूरत नहीं है। विदेश यात्रा में या बिना नेटवर्क वाली जगहों पर यह ख़ास तौर पर काम आता है।
क्या मेरा स्कैन डेटा किसी के साथ साझा होता है?
नहीं। स्कैन के नतीजे कभी आपके फ़ोन से बाहर नहीं जाते। वैकल्पिक AI ऑप्टिकल विश्लेषण आपके डिवाइस के न्यूरल इंजन पर ही तस्वीरों को प्रोसेस करता है। SenseRadar कोई अकाउंट जानकारी, लोकेशन डेटा या स्कैन इतिहास इकट्ठा नहीं करता। जब कुछ सहेजा ही नहीं जाता, तो साझा करने को भी कुछ नहीं होता।

अपनी जगह स्कैन करने के लिए तैयार हैं?

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